शिक्षा के क्षेत्र में AI के आगमन से बदली दिशाएं : इन राज्यों के बच्चें पढ़ेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

शिक्षा के क्षेत्र में AI के आगमन से बदली दिशाएं : भारत देश में धीरे धीरे एआई का प्रयोग स्कूल की शिक्षा में होना शुरू हो गया है NCERT ने 8 वीं और 9 वीं की कक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पढ़ाने के लिए एक चैप्टर जोड़ा है जिससे बच्चों को AI के बारे में बेसिक ज्ञान हो सके और वह समझ सके एआई का भविष्य । इसके साथ ही कुछ विद्यालय AI का प्रयोग बच्चों को शिक्षा देने में भी कर रहे है जिससे बच्चों को बेहतर तरीके से समझाया जा सके । हाल ही में केरल के तिरुवंतपुरम के एक स्कूल ने एआई का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया है ।

उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , दिल्ली , हिमाचल प्रदेश ,छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र , केरल आदि राज्यों में एआई से जुड़ा पाठ्यक्रम को शामिल कर दिया गया है जिससे बच्चों को AI से जुड़े प्रयोग , भविष्य , एप्लीकेशन आदि के बारे में जानकारी मिल सके । आने वाले समय में भारत सरकार का कहना है कि हम इसका पाठ्यक्रम ओर भी बढ़ाएंगे ताकि बच्चों को इसकी और भी समझ हो सके । इन सरकारी स्कूल में आर्टिफिशियल को बढ़ावा देकर बच्चों का ज्ञान वर्धन किया है ।

शिक्षा के क्षेत्र में AI के आगमन से बदली दिशाएं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने से भारत में शिक्षा का स्तर बढ़ा है अब छोटे छोटे बच्चे कोडिंग और एआई के टूल का प्रयोग करना शुरू कर चुके है जिससे उनमें जागरूकता बढ़ी है और उनका इस क्षेत्र में रुचि भी बढ़ी है । भारत सरकार और राज्य सरकार सभी इसमें अपना अहम योगदान दे रही है जिससे भारत में रोबोटिक्स को भी बढ़ावा मिला है । आने वाले समय में इसमें बढ़ोत्तरी ही होनी है और हर बच्चा इसका प्रयोग अपनी शिक्षा को अच्छा करने में करेगा ।

 

किन सरकारी स्कूल में AI का प्रयोग होने लगा है ?

  • शिक्षा मंत्री इंदर सिंह ने बताया है कि मध्य प्रदेश के 53 स्कूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में पढ़ाया जा रहा है । उन्होंने बताया कि वह 8 वीं और 9 वीं की कक्षा वालो को यह पढ़ाएंगे ताकि बच्चों को इसकी जानकारी हो सके । सरकार का उद्देश्य सभी के लिए शिक्षा प्रदान करना है । धीरे धीरे मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार मिल कर इसको सभी सरकारी स्कूल में लागू करना चाहती है । ताकि बच्चों में समझ विकसित हो सके । और उनका विकास आसानी से हो सके ।
  • पंजाब राज्य के मोहाली जिले में सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी बच्चे रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पढ़ रहे है यहां बच्चे रोबोट बनाने वाले प्रोजेक्ट कर रहे है । इस स्कूल में कक्षा 6 से 8 वीं तक बच्चों इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है ।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : मानव समझ और तकनीक का नया मिलन

  • उत्तर प्रदेश में बच्चे कक्षा 5 से कोडिंग करना सीख रहे है माननीय योगी जी ने बताया राज्य के 5 से लेकर 10 तक के करीब 5 लाख बच्चे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के साथ साथ कोडिंग करना सीख रहे है उनका उद्देश्य है कि हर बच्चा कम से कम बेसिक ज्ञान इन सब्जेक्ट के बारे में रखे ताकि भविष्य में इसके एप्लीकेशन को आसानी से प्रयोग कर सके ।
  • छत्सीगढ़ राज्य में आने वाले समय में करीब 50 ऐसे स्कूल सिलेक्ट किए गए है जहां पर इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा इसके बाद इसको पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा । सरकार द्वारा इस क्षेत्र में जोरो सोरो से काम चल रहा है ।
  • केरल राज्य में तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने में किया जा रहा है । ताकि बच्चों को चीजे आसानी से समझ में आ सके और बच्चो का विकास जल्दी हो सके । सरकार द्वारा बच्चों के पाठ्यक्रम में भी इसको शामिल कर दिया गया है ।

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  • एनसीईआरटी ने भी अपने पाठ्यक्रम में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल कर दिया है ।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे स्कूली शिक्षा में करेगा मदद ?

बच्चों को AI टूल की मदद से पढ़ाया जाता है जिससे बच्चे उस चीज को देखेंगे तो उनमें उत्सुकता का जन्म होगा और वह उसके बारे में जानने की कोशिश करेंगे । गाजियाबाद में अमेरिकन एंड ग्लोबल स्कूल को सैडल रिवर डे स्कूल, न्यू जर्सी , यूएसए से मान्यता प्राप्त है जिसमे एआई टूल के साथ साथ उसके बारे में भी पढ़ाया जाता है इससे बच्चो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के प्रति जागरूकता का जन्म होगा और भविष्य में अगर बच्चा चाहे तो इससे जुड़ी अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री इस फील्ड में ले सकता है ।

आने वाले समय में यह विषय भारत के हर स्कूल में शामिल हो जायेंगे और इनके टूल भी प्रयोग होना शुरू हो जायेंगे । देल्ही पब्लिक स्कूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लागू करने की तैयारी चल रही है जिससे पूरे देश में इससे जुड़े पाठ्यक्रम को शामिल किया जायेगा । आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता का है जिसकी मदद से लोग अपना काम तो आसान करेंगे ही साथ में वह इसमें रिसर्च करके इसको बेहतर बनाएंगे ताकि इसके कई आयाम की खोज हो सके ।

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कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भारत 5 में नंबर पर आता है जो इतना रूपया खर्च कर रहा है भारत का मानना है कि हमे इसके लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी और इसके साथ ही इंटीग्रेटेड सर्किट का उत्पादन भारत में शुरू करना होगा जिससे हमे ताइवान जैसे देशों पर निर्भर नही रहना पड़ेगा । 

शिक्षा के क्षेत्र में AI के आगमन से बदली दिशाएं
शिक्षा के क्षेत्र में AI के आगमन से बदली दिशाएं

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्कूली शिक्षा में भविष्य 

आने वाले समय में भारत एआई के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाला है इसकी तैयारी भारत ने आज से शुरू कर दी है ताकि जब भविष्य में AI का बोल बाला हो तब भारत पिछड़ न जाए इसके लिए ai से जुड़ी डिग्री और स्कूल में अभी से तैयारियां चल रही है । भारत में करीब 500 स्कूल ऐसे है जहां एआई से जुड़ी चीजे चल रही कही इसका प्रयोग सीखने में तो कही इसको समझने और सीखने की कोशिश चल रही है ।

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भारत में प्रतिभा की कमी नही है बस बच्चो को सही डायरेक्शन में सिखा दिया जाए जिससे बच्चों की बौद्धिक क्षमता विकसित हो सके । भारत में आने वाले समय में जीडीपी का करीब 3 % आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में खर्च करने का उद्देश्य भारत ने बनाया हुआ है इससे नई तकनीक को स्कूल और कॉलेज में शामिल किया जायेगा और देश का विकास होगा । 

अगर आप भारत का विजन ai में देखना चाहते है तो आप इसको पढ़ सकते है –

https://indiaai.gov.in/

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