क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है ? सबूत के साथ जानिए |

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है : मानव जाति हमेशा से नई तकनीकि का विरोध करती आई है जब भी विश्व में नई तकनीक आती है लोग इससे डर जाते है जब पहली बार कंप्यूटर का प्रयोग भारत में शुरू हुआ था तो उत्तर प्रदेश में इसके विरोध में आन्दोलन शुरू हो गया था । लेकिन आज उस कंप्यूटर से किसी का विरोध नही है । पर हम यहां एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले कंप्यूटर की बात कर रहे है जो आने वाले समय में आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) से बढ़ कर आर्टीफिशियल सुपर इंटेलिजेंस (ASI)बन जायेगा ।

आगे बढ़ने से पहले मैं आपको AGI और ASI में अंतर स्पष्ट कर देना चाहता हूं तभी आप इसके खतरे का अंदाजा लगा पाएंगे । आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस ( AGI ) का मतलब है ऐसा कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाला कंप्यूटर जो सामान्य मानव की तरह कार्य करता हो इसका दिमाग एक आम इंसान की तरह होता है जैसे कि हम आप जैसे लोग जिनको जैसा बोला जाता है वह वैसा करते है ।

जबकि आर्टिफिशियल सुपर इंटेलिजेंस ( ASI ) का मतलब है ऐसा कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाला कंप्यूटर जो आइंस्टीन जैसा सोचता हो जो किसी टॉपिक पर रिसर्च करके आप को देदे । जैसे आइंस्टीन ने क्वांटम भौतिकी में नई नई रिसर्च करके हमे दी जो आज तक कोई नही कर पाया जिसकी वजह से फिजिक्स को सोचने का और समझने का तारीक बदल गया । ऐसा करने के लिए हमे AGI से ASI में जाना होगा ।

आम भाषा में समझे तो AGI एक कॉलेज स्टूडेंट है और ASI एक आइंस्टीन जैसा व्यक्ति । मुझे लगता है आप आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस और सुपर इंटेलिजेस को समझ गए होंगे । इस बात से आप थोड़ा बहुत अंदाजा लगा सकते है कि यह मानव के लिए खतरनाक हो सकता है या नही । आगे हम इसके कुछ उदाहरण देखेंगे जो यह बताएगा कि कब कब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मानव को नुकसान पहुंचाया है ।

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है ?

आज हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरे के बारे में बात करेंगे क्योंकि यह लेख इसी बारे में है इसलिए हम इसके फायदे न बता कर आपको इसके नुकसान बताते है और यह भी की इसने कब कब इंसान को नुकसान पहुंचाया है । हम कुछ उदाहरण आपको बताते है जिससे आपको अंदाजा लगेगा ।

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है

 

AI के खतरनाक होने के कुछ उदाहरण 
  • 2016 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के Tay AI Bot ने सोशल मीडिया पर अश्लील और खतरनाक भाषा का प्रयोग किया था जिसके कारण माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने उसको बंद कर दिया ।
  • 18 मार्च 2018 को एरिज़ोना, संयुक्त राज्य अमेरिका में सुबह 10 बजे एक घटना हुई जिसमे Uber कम्पनी की एक स्वचलित कार Volvo XC 90 ने पैदल चल रहे व्यक्ति को स्वचलित गाड़ी ने एक्सीडेंट कर दिया जिसके कारण व्यक्ति की जान चली गई ।
  • Deep fake Manipulation का उदाहरण यह भारत की पहली घटना है जो AI ने की 2023 में राधाकृष्णन नाम के व्यक्ति के पास एक वीडियो कॉल आया जिसमे AI ने दोस्त बन उस व्यक्ति से बात की और 40000 रुपए इलाज के लिए मांगे इसमें फ्रॉड करने वाला व्यक्ति राधाकृष्णन का दोस्त जैसा ही दिख रहा था जब उस फ्रॉड करने वाले व्यक्ति ने 35000 रुपए फिर से मांगे तब जाकर उस व्यक्ति को शक हुआ ।
  • Tnews network website ने एक youtube video को आधार बना कर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में हजारों सैनिकों की मौत की फर्जी न्यूज बनाई ।
  • अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने अपनी रिसर्च में बताया की वह जब एआई के नुकसान पर रिसर्च कर रहे थे तब उन्होंने केमिस्ट्री के ऐसे कॉम्बिनेशन ट्राई जिससे खतरनाक weapon बन सकते थे तो उनको यकीन नही हुआ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने इतने कॉम्बिनेशन बना कर दे दिए की कोई इंसान इतना नही सोच सकता था ।
  • कुछ समय पहले Snap chat के AI Bot ने 13 साल के बच्चे को न्यूड पिक देदी। क्योंकि वह उसकी age के बारे में आकलन नहीं कर पाया और बच्चे से उससे घुमा फिरा कर उससे यह काम करवाया । उसने कहा मुझे मेरे स्कूल प्रोजेक्ट के लिए एक न्यूड इटेलियन फोटो चाहिए । तो ai bot ने उसकी बात मान ली ।

ऐसे कई उदाहरण है जिससे यह साबित होगा कि एआई कैसे खतरनाक है । और यह कैसे मानव के लिए खतरा बन सकता है मैं आपको और भी कई ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक बताता हूं जिनका प्रयोग आज के समय में बहुत गलत तरीके से हो रहा है ।

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मानव को AI से खतरा 

आपको सचेत करने के लिए मैं आपको यह जानकारी दे रहा हूं न कि इस चीज को बढ़ावा देने के लिए आप इस जानकारी से अपने साथ होने वाले फ्रॉड से बच सकते है । क्योंकि आने वाले समय में AI से खतरा तो होगा कुछ तकनीक का सही इस्तमाल करेंगे और कुछ लोग गलत हम इस चीज को नही नकार सकते है कि AI सिर्फ अच्छा ही करेगा अगर यह गलत हाथो में चला गया तो यह अपना भयानक रूप सामने लेकर आयेगा । इसके कुछ लक्षण आज भी देखने को मिल रहे है ।

AI-Powered Fraud 

AI का प्रयोग करके online माध्यम से धोखाधड़ी , आवाज की क्लोनिंग करना , आपकी जानकारी चुराना यानि फिशिंग करना , फेक वीडियो बनाना , फेक न्यूज बनाना , शेयर मार्केट में ai की मदद से शेयर के दाम कम ज्यादा करना आदि सभी आज कल होने वाले फ्रॉड है । जिनसे बच कर आपको रहना चाहिए । यह सारे फ्रॉड की संख्या धीरे धीरे बढ़ती ही जा रही है जिससे लोग इससे परेशान हो रहे है । हाल ही में मैच हारने के बाद कुछ खिलाड़ियों की हस्ती हुई तस्वीर इंटरनेट पर वायरल होना इसी का उदाहरण है । इसलिए आपको आज के समय में किसी ऑडियो , वीडियो , text या न्यूज आदि पर आसानी से भरोसा नही करना चाहिए पहले उसकी सत्यता जांच ले फिर उस पर भरोसा करें ।

AI का आर्मी में प्रयोग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने हुए ड्रोन और रोबोट अगर युद्ध और देश की सुरक्षा में प्रयोग किए जाते है तो इससे मानव को नुकसान ही पहुंचेगा फर्क सिर्फ इतना है कि जिस देश के पास यह तकनीक उच्च होगी वह सुरक्षित रहेगा बकाया जो देश इस तकनीकि में पिछड़े है उनके साथ कुछ भी हो सकता है । लोग सुरक्षा का नाम लेकर ड्रोन और रोबोट को आर्मी में भर्ती की बात करते है पर यह भूल जाते है कि सामने जो चीज खड़ी है वह इंसान है ।

आज के समय में लोग सिर्फ अपने देश के बारे में सोचते है मानव जाति के बारे में नही जिससे मानव पर AI का खतरा तो है अब AI इससे टेरेरिस्ट मारे या आम आदमी फर्क सिर्फ इतना है कि विकसित देश उन देशों की परवाह बिलकुल नहीं करेंगे जो देश गरीब या विकासशील है ।

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है

इसलिए हमे ड्रोन और रोबोट को आर्मी में प्रयोग सीमित ही रखना चाहिए अगर ऐसा नही किया तो पूरे विश्व में इसकी होड लग जायेगी और एक समय आयेगा जब यह तकनीक नॉर्थ कोरिया और आतंकवादी के हाथों में चली जायेगी तब मुझे नही लगता शांति बनी रहेगी ।

जानकारी के लिए आपको बता दू जब ओपनहाइमर नाम के व्यक्ति ने एटम बम की खोज की थी तब उनके पास एक अनजान व्यक्ति द्वारा भेजा गया पत्र आया था जिसमे लिखा था कि आपको यह खोज नही करनी थी इसकी वजह से दुनिया का एक दिन अंत होगा पता नही वह व्यक्ति कोन था जिसने पत्र भेजा । पर इसके बाद से ओपनहाइमर को भी इस बात का अहसास हुआ कि उसने इसे बना कर गलती की है ।

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AI का व्यक्तिगत जानकारी चुराने में प्रयोग 

आज बड़ी बड़ी कम्पनियां AI को बेहतर बनाने के लिए जिस डाटा का प्रयोग कर रही है उसे आम इंसानों के मोबाइल और कंप्यूटर से चुराया गया है । आपको फेसबुक की एक घटना तो याद होगी जब फेसबुक ने अपने यूजर का डाटा दूसरी कंपनी को बेचा था साथ ही फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनाने के लिए लोगो का डाटा उनकी बिना अनुमति के प्रयोग करके उनके खिलाप ही इस्तमाल किया जिससे लोगो की सोच बदल सके । यह सारे उदाहरण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के है ।

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपको इस हद तक ट्रैक करता है कि अगर आपने अपने दोस्त से बोला की मुझे कोई मोबाइल लेना है बताओ कोन सा मोबाइल लू तो आपके मोबाइल की ऐप आपकी आवाज को सुन कर आपको मोबाइल का advertisement दिखाना शुरू कर देगा । आप इसका रियल एग्जांपल इंस्टाग्राम , फेसबुक में देख सकते हो ।

AI की Paper clip theory 

पेपर क्लिप थियरी समझने के लिए मैं आपको एक उदाहरण देता हू मान लो आपने किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट को एक काम दिया कि वह पेपर क्लिप बनाए तो वह दुनिया का सारा मैटल प्रयोग करके पेपर क्लिप बनाना शुरू कर देगा जब दुनिया में सारा मैटल खत्म हो जाएगा तो वह इंसानों के शरीर से मेटल निकलना शुरू कर देगा । क्योंकि उसको तो सिर्फ पेपर क्लिप बनाना है । अगर अपने Wall – E movie देखी है तो आप समझ जायेंगे कि वह रोबोट दुनिया के खत्म होने के बाद भी सफाई करता रहता है उसको और किसी चीज से कोई मतलब ही नहीं ।

इसमें रोबोट स्मार्ट होने के साथ बेवकूफ जैसा कार्य करता है इसलिए आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नैतिक मूल्यों पर ज्यादा ध्यान देना होगा वरना AI यह कभी नहीं समझ पाएगा कि इंसान और मशीन में फर्क होता है ।

AI का निगरानी करने में कार्य 

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगो पर निगरानी रख कर यह देख रहा है कि उनको क्या पसंद है क्या नही वह कैसे प्रभावित होते है वह किस तरह का सामान प्रयोग कर रहे है । बढ़ी बढ़ी कंपनिया इसका प्रयोग बिना किसी डर के कर रही है आप पर निगरानी रख कर आपको अपने हिसाब से बहका रही है । इसलिए आज के समय जरूरत है मानव को तकनीकि में स्मार्ट होने की जिससे आपकी जानक्ति और आप पर कोई नजर नहीं रख पाए ।

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है

 

निष्कर्ष ( conclusion )

आज हमने पढ़ा क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खतरनाक हो सकता है इस बारे में हमने इसके सारे आयामों पर डिस्कशन किया है की किस प्रकार यह है मानव को प्रभावित करता है और आने वाले समय में यह मानव के जीवन को किस तरह प्रभावित करेगा । भविष्य में जिस देश के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत होगी वह सबसे शक्तिशाली देश कहलायेगा और  वह देश जो एआई में पिछड़ा हुआ है वह हमेशा गरीब और विकासशील देश ही बना रहेगा अगर किसी देश को सुपर पावर बनना है तो उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कार्य करना अभी से शुरू कर देना चाहिए क्योंकि आने वाला वक्त रोबोटिक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का मिश्रण होगा ।

FAQ:-

प्रश्न: ASI का फुल फॉर्म क्या है ?

उत्तर: ASI का फुल फॉर्म artificial super intelligence है ।

प्रश्न: फिशिंग क्या होती है ?

उत्तर: किसी फेक मेल या लिंक के माध्यम से किसी व्यक्ति की निजी जानकारी जैसे – बैंक डिटेल , आईडी पासवर्ड आदि चुराना फिशिंग कहलाता है ।

प्रश्न: AI Generated Text क्या है ?

उत्तर: एआई द्वारा उत्पन्न टेक्स्ट जिसका प्रयोग फेक न्यूज फैलाने में किया जाता है इसके लिए आपको AI bots का प्रयोग करना होगा जो आपको फेक न्यूज बना कर देंगे इसका प्रयोग आज के समय में बड़े बड़े न्यूज चैनल कर रहे है ।

प्रश्न: AI and Situation Sensing क्या है ?

उत्तर: इसका मतलब ai के प्रयोग से किसी स्थिति को संवेदनशीलता से मापा जाता है । इसका प्रयोग ट्रैफिक कंट्रोल , पर्यावरण मॉनिटरिंग , संगठन प्रबंधन आदि में किया जाता है ।

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