Artificial intelligence disadvantage : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नुकसान

Artificial intelligence disadvantage : आपने AI के फायदे तो बहुत देखे और सुने होंगे आज हम आपको इसके नुकसान बताते है कि इसकी वजह से किस क्षेत्र में क्या हानि या नुकसान मानव को झेलने पड़ सकते है । क्योंकि आने वाले समय में इसका उपयोग बढ़ना ही है जिसके कारण लोगो को इससे समस्या आनी स्वाभाविक है और लोग इसके प्रति जितने जागरूक होंगे यह उतना ही सही रहेगा ।

आज हम आपको कृषि , मनोरंजन , स्वास्थ्य , सुरक्षा आदि क्षेत्र में क्या नुकसान होंगे इसकी जानकारी देंगे

Artificial intelligence disadvantage

जब से पता चला है कि मानव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बनाना शुरू कर दिया इस पर लोगो की प्रतिक्रिया बढ़ गई है लोगो ने इसके फायदे और नुकसान दोनो पर चर्चा करना शुरू कर दिया है । इसके नुकसान की बात कम ही लोग करते है । आपने elon musk का नाम तो सुना ही होगा जो tesla के फाउंडर है उन्होंने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि भविष्य में मानव को मानव या जानवर से डरना नहीं पड़ेगा उनको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरना पड़ेगा क्योंकि यह आपके जीवन को इतना प्रभावित कर देगा कि आपको इससे डर लगने लगेगा ।

आने वाले समय में निम्न चीजों में AI को खतरा हो सकता है जो इस प्रकार हैं –

Job Displacement :

Automation और ai के कारण उन उद्योग में नौकरी के खतरे हो सकते है जहां कार्य आसानी से automatic हो जाते है इसके साथ writer , app design , coding , blogging , content writer आदि की जॉब का खतरा भी हो सकता है ।

Bias and Fairness

AI system पुराने डाटा को सुरक्षित रखता है जिसके कारण यह डर रहता है कि वह पूर्वाग्रह से प्रभावित होकर कोई निर्णय देगा इससे भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है साथ ही यह उन क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान करेगा जो कंपनियां लोन देती है अगर उनके सिस्टम में AI है तो वह किसी व्यक्ति की cibil कभी ठीक show नही करेगा । इससे किसानों को ज्यादा नुकसान हो सकता है ।

Artificial intelligence disadvantage
Artificial intelligence disadvantage

 

Privacy Concerns 

आपको पता होगा कोई भी AI जिस डाटा का प्रयोग करता है वह किसी न किसी यूजर का है ज्यादातर कंपनियां AI का प्रयोग अपनी वेबसाइट , ऐप में करने लगी है जिसके कारण वह AI लोगो के डाटा और पर्सनल जानकारी का एक्सेस लेकर उनकी जानकारी का प्रयोग कर सकता है । इसलिए जरूरी है उसको सही से प्रबंधन करके किसी भी सिस्टम में डाला जाए । पर ज्यादातर कम्पनी आपके डाटा को चोरी करके बेचती है । और इसकी जानकारी किसी को पता तक नहीं चलती ।

कुछ समय पहले अपने सुना होगा भारत ने चीन की बहुत सारी ऐप को बैन कर दिया था उसका कारण यही था पर facebook , instagram जैसी कंपनियां भी यही कर रही है पर कोई सरकार इनको मना नहीं कर रही ।

कुछ समय पहले फेसबुक ने यूजर का डाटा उपयोग करके डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का राष्ट्रपति बना दिया था इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि AI कितना खतरनाक हो सकता है अगर वह आपके डाटा का प्रयोग करने लगे तो ।

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Security Risks

सोचो अगर कोई AI cyber attack कर दे तो क्या होगा अपने माइकल एंजेलो , trozen horse , रैनसमवेयर आदि के बारे में सुना होगा जिससे पूरी दुनिया परेशान थी अगर यही हमले कोई AI सिस्टम करता तो इसकी क्षमता कई गुना बढ़ जाती । इससे यूजर का डाटा भी चोरी होता और आपके बैंक की जानकारी । इसलिए यह जरूरी है कोई भी सिस्टम में अगर सुरक्षा मानक न हो तो क्या हो सकता है ।

Ethical Dilemmas

अगर कोई AI आपको स्वास्थ्य सुविधा देता है या कृषि करता है , या किसी कम्पनी में कोई सामान बनाता है तो अगर इससे कोई गलती हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी कोन लेगा क्या वह AI लेगा या किसी इंसान को इसकी गलती की सजा मिलेगी । अगर इसकी वजह से किसी की जान चली जाती है तो सजा किसको मिलेंगी इस बात पर नैतिक दुविधा आज भी हर देश में बनी हुई है ।

लोग अगर इसका गलत इस्तमाल करने लगे और सरकार ने कोई कठिन निर्णय नही लिया तो आगे जाकर समस्या उत्पन्न हो सकती है ।

Dependence on AI

अगर कोई व्यक्ति या कम्पनी किसी AI पर इतना निर्भर है कि वह सारे निर्णय AI के अनुसार लेती है तो गलत निर्णय लेने पर समस्या उत्पन्न हो सकती है । इसलिए जरूरी है AI पर ज्यादा निर्भर न रहा जाए ।

आतंकी हमला 

आतंकवादी संगठन अगर AI का उपयोग करने लगे तो वह आपकी निजी जानकारी , आपका मोबाइल , लैपटॉप हैक , बैंक की जानकारी , किसी सुरक्षा सिस्टम को बायपास करना , लोगो को नुकसान पहुंचाना जैसी घटनाएं अचानक से बढ़ जाएंगी । ऐसा जल्द ही होगा क्योंकि AI आज के समय में हर जगह उपलब्ध है हर देश इस पर रिसर्च कर रहा है और अपनी तकनीक बेंच रहा है। हम इससे बच नहीं सकते आने वाले समय में इसका दुरुपयोग देखने को मिलेगा ।

Artificial intelligence disadvantage
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सेना में AI 

अगर सेना में एआई रोबोट होने लगे तो वह किसी बच्चे को हाथ में बंदूक लिए देखकर उसको खतरा समझेंगे और उस पर हमला कर देंगे जबकि उस बच्चे का तो ब्रेन वास किया गया है वह तो समझ भी सकता है तो उस पर हमला करना कितना सही होगा । एक आत्मरक्षा के लिए हाथ में बंदूक पकड़े व्यक्ति को AI क्या समझेगा ।

इन बातो पर लोग ज्यादा बात नहीं करते क्योंकि अगर यह बाते ज्यादा होने लगी तो यह तकनीकि कोई नही खरीदेगा जिससे कंपनी का नुकसान होगा । इसलिए आप गूगल में AI के नुकसान सर्च करेंगे तो आपको जयदातर आर्टिकल इसके फायदे के मिलेंगे । क्योंकि बढ़ी कंपनियां ऐसा कभी नहीं चाहेंगी कि आप AI की बुराई करो ।

हथियार बनाने में AI का प्रयोग 

मैने आपको पिछले आर्टिकल में एक कहानी बताई थी जो एक केमिस्ट्री के वैज्ञानिक की थी कि उसने जब AI को रसायनिक हथियार के कितने कॉम्बिनेशन बन सकते है बनाने को कहा तो रिजल्ट देखने लायक था AI ने ऐसे ऐसे कॉम्बिनेशन दिए जो बहुत खतरनाक थे और उससे आज तक वैसे हथियार नहीं बनाए गए अगर सोचो कोई देश ऐसे हथियार बना ले तो कितना खतरा हो सकता है । इससे रोटरडम संधि का उल्लंघन होगा जो यूनाइटेड नेशन ने की है ।

अगर यह AI corona जैसी बीमारी के जैविक हथियार बनाने लगा तो दुनिया में बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा ।

ये सभी घटनाएं तो अभी हो रही है अगर सोचो कोई AI भविष्य में ओर ताकतवर बन गया तो क्या होगा क्योंकि अभी तो हमने १% भी AI के क्षेत्र में रिसर्च नही की है तब दुनिया में इसकी वजह से इतनी समस्या उत्पन्न हो रही है ।

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भविष्य में Artificial intelligence disadvantage

भविष्य में AI से होने वाले खतरे इस प्रकार है –

सुपर AI की जब खोज हो जायेगी तो किसी AI की खुद की भावनाएं होंगी तब क्या वह सिर्फ इमेजिनरी बन कर रहना पसंद करेगा वह भी किसी शरीर की खोज करेगा और जब शरीर मिल जाएगा तो क्या वह मानव की सुनेगा । क्योंकि वह तो इस दुनिया का सबसे ताकतवर AI humanoid robot बन जायेगा । उसके सामने मानव आदिकाल में जंगल में रहने वाले मानव की तरह प्रतीत होगा ।

प्रकृति का नियम है ताकतवर कभी कमजोरो की मदद नही करता सिर्फ उसका शोषण करता है आज तक कुछ ही ऐसे लोग हुए जिन्होंने कमजोरो की मदद की है जैसे बुद्ध , महावीर स्वामी , भगवान कृष्ण आदि जिनके पास ताकत थी और उन्होंने लोगो की मदद की । क्या कोई AI इतना दार्शनिक हो पाएगा । क्योंकि जिस इंसान ने इसे बनाया है वह खुद ही इतना दार्शनिक प्रवृत्ति का नही है ।

अगर AI खुद ही सोचेगा और अपनी क्षमतायें खोलेगा तो वह मानव को कैदी बनाने की सोचेगा या उनसे गुलामी करवाएगा । क्योंकि कोई भी इंसान अपने से बेहतर AI नही बना सकता क्योंकि उसको खुद पहले बेहतर बनना पड़ेगा । और जब वह बेहतर बन जायेगा तो वह इसकी खोज नही करेगा । तो समस्या वही के वही रहनी है ।

इसलिए मानव को धीरे धीरे इसमें कदम आगे बढ़ाना चाहिए क्योंकि अगर हमने सोचने वाली एक प्रजाति बना दी तो मानव को adjust करना सीखना होगा उसको भी संधाधन देने होंगे जो पहले से ही कम है और हम उससे जीत भी नहीं पाएंगे ।

निष्कर्ष ( conclusion )

मानव और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का रिश्ता अब समय के साथ बड़ेगा अब यह देखना है कि यह किस तरफ जाता है अगर इसके कुछ फायदे है तो नुकसान भी उतने ही होंगे क्योंकि गलत लोगो की संख्या इस दुनिया में कम नही है उपनिवेशवाद की धारणा अभी भी कई देशों में भली भांति फल फूल रही है ।

frequently asked questions

 

प्रश्न: AI में data bias क्या है, और यह चिंता का विषय क्यों है ?

उत्तर: किसी भी AI को जिस डाटा से सिखाया जा रहा है वह पूर्वाग्रह से ग्रसित है अगर कोई AI इससे सीखता है तो वह अपने निर्णय में निष्पक्ष नहीं हो पाएगा । और समाज में फैली कमियां वैसी ही बनी रहेंगी ।

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता नौकरी बाजार को कैसे प्रभावित करता है ?

उत्तर: AI कुछ उद्योगों में नौकरियों के विस्थापन का कारण बन सकता है क्योंकि ऐसी कई नौकरियां है जो बस एक सिस्टम लगा देने से उसकी जरूरत पूरी कर देंगी । इसके परिणामस्वरूप नौकरी छूट सकती है और जिससे प्रभावित श्रमिकों को पुनः कौशल प्रदान करने की आवश्यकता होगी।

 

प्रश्न: आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस से कौन से गोपनीयता मुद्दे जुड़े हुए हैं ? 

उत्तर: एआई का उपयोग  निगरानी और डाटा जुटाने के लिए किया जा सकता है, जिससे व्यक्तिगत गोपनीयता और डाटा सुरक्षा के बारे में चिंताएं बढ़ जाती हैं, खासकर जब उचित सुरक्षा उपायों के बिना उपयोग किया जाता है ।

प्रश्न: क्या एआई के साथ कोई नैतिक दुविधाएं हैं? 

उत्तर: जी हाँ, AI नैतिक प्रश्न उठा सकता है। उदाहरण के लिए, सेल्फ ड्राइविंग वाहनों में, एआई को उन परिस्थितियों में नैतिक निर्णय लेने की आवश्यकता हो सकती है जहां कोई स्पष्ट सही या गलत विकल्प नहीं होता हैं।

प्रश्न: एआई सुरक्षा जोखिम कैसे उत्पन्न करता है?

उत्तर: एआई द्वारा किए गए हमले ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं, और यदि इनका दुरुपयोग किया जाता है, तो वे साइबर खतरों के लिए उपकरण बन सकते हैं, संभावित रूप से संवेदनशील जानकारी और सिस्टम से समझौता कर सकते हैं ।

 

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